Lalach buri bala hai hindi story | लालच बुरी बला है

एक बार एक सहद बेचने बाला सहद बेच रहा था । तभी अचानक कुछ सहद नीचे जमीन पर गिर गया ।
कुछ देर के बाद बहुत सी मक्खियाँ गिरे हुए सहद पर आकर बैठ गयी । और सहद चाटने लगी । जब उनका पेट भर गया तो उन्होंने उड़ना चाहा पर उड़ न सकी । क्योंकि उनके पंख सहद में चिपक गए थे ।।।

Lalach buri bala hai hindi story


उड़ने के लिए उन्होंने बहुत कोसिस की लेकिन फिर भी उड़ न सकी । वो उड़ने के लिए जितनी कोसिस करती उनके पंख उतने सहद में चिपक जाते । और उनके सारे जिस्म पर सहद लगता जाता ।

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बहुत सी मक्खियाँ सहद में तड़प - तड़प कर मर गयी । कुछ मक्खियाँ पंख चिपकने से झटपटा रही थीं । फिर भी नयी मक्खियाँ सहद के लालच में बहाँ आती रही । मरी और तडपती मक्खियों को देखकर भी वो सहद का लालच नहीं छोड़ सकी ।।।

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ये देखकर सहद बेचने वाला बोला ।
जो लोग जुबान के स्वाद के लालच में पढ जाते है । वो इन मक्खियों के सामान ही बेबकुफ़ होते है । स्वाद का सुख उठाने के लालच में वो अपनी सेहत को ख़राब कर देते है । रोगी बनकर तड़पते है और जल्द ही मर जाते है ।।। 
Lalach buri bala hai hindi story | लालच बुरी बला है Lalach buri bala hai hindi story | लालच बुरी बला है Reviewed by Mohd sarfraj on February 15, 2017 Rating: 5

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