True friendship hindi story | Garib dost

दो दोस्त थे । दोनों दिन भर साथ खेला करते थे । एक दोस्त अनाथ और गरीब था । दूसरा अमीर बाप का इकलौता लड़का था । अमीर दोस्त जब गरीब दोस्त को अपने घर लेकर जाता तो उसके बाप को बहुत बुरा लगता । । ।

True friendship hindi story


अमीर बाप को अपने बेटे का गरीब के साथ रहना रास नहीं आया तो वो उसे लेकर सहर चला गया । धीरे धीरे 10 साल गुजर गए पर अमीर दोस्त बापस नहीं आया । । ।
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एक दिन अचानक अमीर दोस्त का एक्सीडेंट हो जाता है । जिसमे उसकी दोनों आंखे चली जाती है । अमीर बाप डॉक्टर से कहता है ।
आप मेरी या मेरी पत्नी कि आंखे निकाल कर मेरे बेटे के लगा दो ।
डाॅक्टर कहता है ।
मैं आपकी या आपकी पत्नी की आंखे नहीं ले सकता क्योंकि आपकी आंखे तो बूड़ी हो चुकी है । । ।

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ये सुनकर अमीर बाप रोने लगता है । और डॉक्टर से कहता है ।
आप जितना भी चाहो पैसा ले लो पर मेरे बेटे को कही से एक ही आंख लेकर लगा दो । मगर कही एक आँख भी नहीं मिलती है । । ।

कुछ देर के बाद डॉक्टर कहता है । आपके बेटे के लिए एक आँख का इंतेजाम हो गया है । और उसके वो आँख लगा दी जाती है ।

कुछ दिनों के बाद वो अमीर बाप डॉक्टर से पूछता है । मेरे बेटे को आँख किसने दी थी ।
तो डॉक्टर कहता है । जिसने आँख दी थी उसको तो मैं नहीं जानता पर उसने आपको देने के लिए एक लेटर दिया था  । । ।

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जब वो लेटर अमीर बाप पड़ता है तो उसकी आँखों में आंसू आ जाते है । जिसमे लिखा होता है । । ।

( आपके बेटे का एक गरीब दोस्त ) 
True friendship hindi story | Garib dost True friendship hindi story | Garib dost Reviewed by Mohd sarfraj on February 08, 2017 Rating: 5

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