A emotional story bhikari aur kutta | भिकारी और कुत्ता

एक अपाहिज भिकारी भीख माँग कर अपनी गुजर बसर करता था ।

एक दिन उस भिकारी को दिन भर भीख में कुछ नहीं मिला । शाम को बेचारा भूखा भिकारी सड़क के एक किनारे बैठ गया ।।।

A emotional story bhikari aur kutta


इतने में उसने देखा एक सेठ जी अपने कुत्ते को रोटी खिला रहे है । भिकारी उठकर उस सेठ के पास गया और हाथ फैला कर कहा ।

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सेठ जी मैं बहुत भूखा हूँ । मुझे भी खाने के लिए एक रोटी दे दीजिये ।।।
सेठ ने भिकारी को देखा और ग़ुस्से से बोल ।
तुझको पता है इस रोटी पर देसी घी लगा है । और यह रोटी कुत्ते के लिए बनी है ।

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इतना सुनते ही भिकारी ने अपने दोनों घुटने और हाथ जमीन पर टेक कर कहा ।
लीजिये सेठ जी मैं भी कुत्ता बन गया ।।।
A emotional story bhikari aur kutta | भिकारी और कुत्ता A emotional story bhikari aur kutta | भिकारी और कुत्ता Reviewed by Mohd sarfraj on March 11, 2017 Rating: 5

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