Matlabi insan emotional story in hindi | जानवर और इंसान

एक दिन एक गिद्ध का बच्चा अपने पापा से बोला ।

पापा मुझे आज इंसान का मॉस खाने का दिल कर रहा है । यह सुनकर गिद्ध बस्ति के चारो तरफ उड़ता रहा पर उसे कही इंसान का मॉस नहीं मिला । वो मायूस होकर जानवर के मॉस का एक टुकड़ा लेकर अपने बच्चे के पास पहुंचा ।।।

Matlabi insan emotional story in hindi


मॉस देखकर गिद्ध का बच्चा बोला ।
यह क्या पापा मैने तो आप से इंसान का मॉस लाने के लिए कहा था ।।।

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गिद्ध सर्मिन्दा होकर फिर अपने बच्चे के लिए इंसान का मॉस लेन के लिए उड़ चला ।
इस बार गिद्ध के दिमाग़ में एक आईडिया आया । उसने मस्जिद के पास सुअर के मॉस का एक बड़ा सा टुकड़ा दाल दिया और मन्दिर के पास एक गाय के मॉस का टुकड़ा दाल दिया ।।।

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फिर क्या था मॉस के टुकड़ो ने अपना काम कर दिया । और देखते ही देखते सारी बस्ति में एक आग सी लग गयी ।
साम होते होते चारो तरफ इंसानो की लाशें ही लाशें पड़ी थी ।।।

उसके बाद गिद्ध ने एक बड़ा सा इंसान के मॉस का टुकड़ा काटा और अपने बच्चे के पास लेकर पहुँच गया
बच्चा इंसान का मॉस देखकर बहुत खुश हुआ और अपने पापा से कहा ।
पापा इतना सारा इंसान का मॉस आपको कैसे मिला ।

गिद्ध ने जबाब दिया ।
बेटा यह इंसान अपने आपको सबसे बेहतर समझता है । लेकिन जरा जरा सी बात पर यह जानवर से भी बदतर बन जाता है । और मरने मारने पर उतारु हो जाता है ।।।

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मैने उसी का फायदा उठाया ------और इंसानो को जानवर के मॉस से जानवर से भी बदतर बन दिया ।।।
Matlabi insan emotional story in hindi | जानवर और इंसान Matlabi insan emotional story in hindi | जानवर और इंसान Reviewed by Mohd sarfraj on March 08, 2017 Rating: 5

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