Moral story | मासूमियत | ummeed se jyada

एक बच्चा अपनी माँ के साथ दुकान पर गया । दुकानदार ने बच्चे की मासूमियत देखकर उससे कहा ।

बेटा लो इस डिब्बे से टाफियाँ ले लो । बच्चे ने टाफियाँ लेने से मना कर दिया ।

Moral story | मासूमियत


फिर भी दुकानदार और उसकी माँ ने उससे टाफियाँ लेने के लिए बहुत कहा । मगर वो बच्चा मना करता रहा
बाद में दुकानदार ने खुद अपने हाथ से टाफियाँ निकालकर उस बच्चे को दी तो बच्चे ने टाफियाँ लेकर अपनी जेब में रख ली ।

》लालच बुरी बला है हिन्दी कहानी 

बापस घर जाते हुए रस्ते में बच्चे की माँ ने उससे पूछा

जब दुकानदार ने तुम्हे  टाफियाँ लेने के लिए कहा तुमने नहीं ली और जब उसने अपने हाथ से टाफियाँ निकालकर दी तो तुमने अपनी जेब में रख ली । ऐसा क्युँ ।।।

बच्चे ने जवाब दिया ।।।

माँ अगर मैं टाफियाँ लेता तो मेरे हाथ में टाफियाँ कम आती क्योंकि मेरे हाथ छोटे है ।

》Sad story of child in hindi 

जब दुकानदार ने मुझे टाफियाँ दी तो मुझे ज्यादा टाफियाँ मिल गयी क्योंकि उसके हाथ बड़े है ।

इसलिए जब भी खुदा देता है तो वो उम्मीद से ज्यादा देता है ।।।
Moral story | मासूमियत | ummeed se jyada Moral story | मासूमियत | ummeed se jyada Reviewed by Mohd sarfraj on March 05, 2017 Rating: 5

No comments:

Powered by Blogger.