हिन्दी इमोशनल कहानी गरीबी | garibi aur majburi

एक गांव में एक गरीब आदमी अपने 2 बच्चो और पत्नी के साथ रहता था । वो गरीब दिन भर मेहनत मजदुरी करके जितना कमाता उससे उसके परिवार को 2 बक्त का खाना भी मुस्किल से नसीब हो पता था ।।।

Hindi emotional kahani garibi


कुछ दिनों के बाद वो गरीब बिमार पड़ गया । घर में जो था वो उसके ईलाज में लग गया । फिर भी वो गरीब आदमी बच न सका और एक दिन मर गया ।।।

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कुछ दिनों तक आस पड़ोस के लोग उसके घर खाना भेजते रहे। उसके बाद उसका परिवार भूखा रहने लगा।
भूख की बजह से उसका 10 साल का लडका बिमार हो गया ।
एक दिन भूख से तड़पती उसकी 4 साल की बेटी ने माँ से कहा ।।।

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भाई कब मरेगा माँ?
ये सुनकर उसकी माँ आँखों से आंसू पोछते हुए बोली ।
ऐसा क्यूँ कह रही हो बेटी?
उसकी 4 साल की बेटी ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया ।

अगर भाई मरेगा तो घर में खाना आएगा माँ ।।।

1 comment:

  1. इस कहानी ने तो रुला दिया भाई । जो भाई किसी गरीब की मदद करेगा अल्लाह उसकी हमेशा खुश रखेगा।

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