Pocket maar hindi emotional story | ईमानदार चोर

राजू जब ट्रैन से उतर कर पानी लेने गया तो उसने अपनी पॉकेट में हाथ डाला । पॉकेट में बटुआ ही नहीं था ।।।

Pocket maar hindi emotional story


किसी ने उसका बटुआ निकाल लिया था । उसके बटुआ में कुछ ज्यादा नहीं बस 250 रूपए और एक
खत था । जो उसने अपनी माँ को पोस्ट करने के लिए रखा था । खत में लिखा था माँ इस बार मैं पैसे नहीं भेज पाउँगा मेरी नौकरी छूट गयी है ।।।

》Mother emotional hindi story 

250 रूपए कोई ज्यादा नहीं थे । लेकिन उसके लिए यह 250 रूपए 2 000 से भी ज्यादा थे । क्योंकि उसकी नौकरी छूट गयी थीं ।।।

कुछ दिनों के बाद माँ का खत मिला खत पढ़कर मैं हैरान रह गया ।

खत में लिखा था ।।।

बेट तेरा 1 000 रूपए का मनी आर्डर मिल गया । मैं सोच में पढ़ गया आखिर माँ को पैसे किसने भेजे ।।।

कुछ दिनों के बाद मुझे एक खत मिला ।

उसमे लिखा था ।।।

》Maa heart touching story 

भाई मुझे माफ़ करना मैने 250 रूपए आपके और 750 रूपए अपने पास से मिलाकर माँ को मनी आर्डर भेज दिया है ।।।
तुम्हारा पॉकेट मार भाई ।

दोस्तो दुनिया में माँ से मोहब्बत करने वाले ऐसे इंसान भी है ।।।

No comments:

Powered by Blogger.