सिंघाड़ा खाने के फायदे | Water chestnut fruit benefits in hindi

सिंघाड़ा सर्दियो के मौसम में मिलने बाला फल है। यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमन्द होता है। यह कई बिमारियो से हमारी रक्षा करता है। सर्दियो का मौसम आते ही सिंघाड़ा मिलना शुरू हो जाता है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहायड्रेट , फोस्फोरस , आयरन , खनिज तत्व , विटामिन और मैगनीज जैसे पोसक तत्व पाए जाते है। आइये जानते है इसके फायदे और स्वास्थ्य लाभो के बारे में।

Water chestnut fruit benefits in hindi

सिंघाड़ा खाने के फायदे 


● बवासीर रोगियों के लिए - : 

》बवासीर का घरेलू इलाज 

जिन लोगो को बावासीर की समस्या रह्ती हो उनको रोजाना सिंघाडा का सेवन करना चाहिए । इससे बवासीर की परेशानी दूर होती है । अगर इसका सीजन न हो तो इसके आंते की रोटियां भी खाई जा सकती है ।

● नकसीर फूटने पर - : 

नकसीर फूटने पर सिंघाड़ा खाने से बहुत फायदा होता है । इसको रोजाना खाते रहने से नकसीर फूटने की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है ।

● सूजन दूर करे - : 

अगर शरीर में कही पर सूजन हो तो सिंघाडे को पीसकर पेस्ट बना ले । फिर इस पेस्ट को सूजन वाली जगह पर लगाने से सूजन कम हो जाती है ।

● खुजली दूर करे - : 

अगर शरीर में खुजली की समस्या से परेशान है तो इससे निजात पाने के लिए सिंघाडे के आटे में नीबू का रस मिलाकर खुजली पर लगाने से जल्द आराम मिलता है ।

● प्रेगनेंसी में - : 

प्रेगनेंसी में सिंघाडे का सेवन करने से माँ और बच्चे दोनों के लिए बहुत फायदेमंद होता है । इससे गर्भपात का भी खतरा कम हो जाता है ।

● पेट की बिमारियाँ दूर करे - : 

सिंघाडा खाने से पेट की बहुत सी बिमारियाँ दूर होती है । और डाइजेशन भी ठीक रहता है ।

● अस्थमा रोगियों के लिए - : 

अस्थमा के रोगियों के लिए सिंघाडा बहुत ही फायदेमन्द होता है । एक चम्मच सिंघाडे के आटे को पानी में मिलाकर खाने से अस्थमा मरीजो को बहुत आराम मिलता है । और साँस की भी समस्या दूर होती है ।

● पीलिया रोग होने पर - : 

》पीलिया रोग के लिए उपचार 

पीलिया रोगियों के लिए सिंघाड़ा बहुत लाभकारी माना जाता है । पीलिया रोग होने पर सिंघाडा खाना और इसका जूस पीना दोनों फायदेमन्द होते है ।

● हड्डियां मजबूत करे - : 

सिंघाडे में भरपूर मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है । जिसकी बजह से इसका सेवन करने से हड्डियां और दांत दोनों मजबूत होते है । और यह शरीर की कमजोरी भी दूर करता है । 

No comments:

Powered by Blogger.